''जिंदगी जीने के नुस्खों में मुझे ऐतबार नहीं है मैं अपनी जिंदगी बहिस्कारों के साये में जीने की कोशिश करता हूँ।मेरे विचारों की मासूमियत आज भी मुझे ये हक नहीं बख्स्ती की मैं अपनी ही तन्हाईयों से परहेज करू मैं ख्यालों के बिच फ़ासलों में विश्वास हरगिज़ नहीं रखता मैं ऊँची उड़ानों में विश्वास रखता हूँ।''मेरी मर्ज़ी...

सार्थक पोस्ट बहुत ही प्यारी रचना..... :)
ReplyDeleteबहुत बढिया
ReplyDeleteब्लॉग बुलेटिन टीम की ओर से आप सब को गणतन्त्र दिवस की बहुत बहुत हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएं !
ReplyDeleteइस पोस्ट के लिए आपका बहुत बहुत आभार - आपकी पोस्ट को शामिल किया गया है 'ब्लॉग बुलेटिन' पर - पधारें - और डालें एक नज़र - गणतंत्र दिवस विशेष - जय हिंद ... जय हिंद की सेना - ब्लॉग बुलेटिन
बढिया रचना।
ReplyDeleteगणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं....
जय हिंद... वंदे मातरम्।
हर साल की तरह ये दिन भी आता और गुजार जाता है ... अच्छा लिखा है ...
ReplyDeleteआपको गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ...
सुंदर पंक्तियाँ......शुभकामनायें
ReplyDeleteइस सार्थक प्रविष्टि के लिए बधाई स्वीकार करें.
ReplyDeleteमैं आपके ब्लॉग को फालो कर चुका हूँ, अपेक्षा करता हूँ कि आप मेरे ब्लॉग"MERI KAVITAYEN" पर पधारकर मुझे भी अपना स्नेह प्रदान करेंगे .