''आज़ाद है मेरी परछाई मेरे बगैर चलने को,,,मै नहीं चाहता मेरे अपनों को ठोकर लगे...ये तो 'वर्तमान की परछाई' है ऐ दोस्त...जिसकी कशमकश मुझसे है...!© 2017-18 सर्वाधिकार सुरक्षित''

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Friday, December 30, 2011

वाह! शब्दों की तू-तू मैं-मैं,और ग़ज़ल बन गयी/ ''मैंने यूँही बेशकीमती मुहब्बत फोकट में गवा दी...''


ये शिकवा है मेरा खुदा से की तू खुदा क्यों है ?
मेरी दुआओं का क़त्ल करने पे आमादा क्यों है?

मुझ फकीर ने बहाई है नदियाँ बेहिसाब सजदों की 
तेरी बख्शीशों का समंदर मगर आधा क्यों हैं ?

उसूलों की बैशाखियों का नक़द खरीदार हूँ मैं 
तेरे बाज़ार में अब उधारी का सौदा क्यों है ?


मैंने यूँही बेशकीमती मुहब्बत फोकट में गवा दी 
फिर आशिकों से आंसूओं का तेरा वादा क्यों है? 


मसलों के जनाजें गर तेरे कंधों पे नहीं उठते 'हरीश'
तो सब्र कर,औरों को भी आने दे,चिल्लाता क्यों है?


ये शिकवा है मेरा खुदा से की तू खुदा क्यों है...?
मेरी दुआओं का क़त्ल करने पे आमादा क्यों है...?

ये 'पंचों' की चतुराई है या अनाड़ीपन...


आज मैंने जाना धुत्कार क्या होती है, अंधापन क्या होता है, क्या होता है अनाड़ीपन?
आज मेरी आँखों ने जो खून के रिश्तों की बेबसी देखी वो किसी जादूगरी से कम न थी। एकाएक समझदारों का झूंड अनाड़ीपन पे उतर आया। और क्यों न उतरे सच तो सीता की अग्नि परीक्षा में ही जल चूका था। बरसों बीत गये आज तक सच नहीं दिखा और झूठ है की कुलांचें भर रहा है इंसानियत के खेत में, इसी विश्वास के साथ की कोई तो राम बन के आये और पवित्रता का हरण हो। मेरे समाज के तथाकथित ''पंच'' गांव की चौपाल पर किसी संत की मानिंद खड़े बरगद के पेड़ के निचे प्रपंच करते है ''पंचायती'' नहीं करते। ये आज जान के मुझे हैरानी तो हुयी मगर चुप था क्योकि मैं गैरहाजिर था खुद से। एक से जब मैंने पूछा की ''समाज की एकता'' क्या होती है? ''सच का साथ'' क्या है?. बड़ा मझेदार जवाब मिला मुझे उसने कहा ये दोनों तो ''पति-पत्नी'' थे एक अरसा बीत गया समाज के ठेकेदारों ने इन्हें तो गांव-निकाला दे दिया...! अब तो  इनके बारे में बात करना भी इस गांव के पंचों ने ''जुर्म'' घोषित कर रखा है। लगता है आप इस गांव से नहीं हो।आपका भला इसी में है की इस गांव से जल्दी से फूट लो वरना यहाँ का रिवाज सात्विक जुबान काटने का है। मैं भी डर गया जल्दी से खुद को समेटा और ''फूट'' लिया।

Thursday, December 29, 2011

मैंने झूठ के पैर देखे है...


मैंने झूठ के पैर देखे है
सत्य के नकाब में 
चलते देखा है झूठ को दौड़ते देखा है
खुदा की बेकुसूरी पर 
मस्जिदों की दीवारों को 
फकीरों ने सिसकते देखा है।
मैंने साँझ के वक़्त 
कसमों की फटी चादर में 
बुढ़िया को ठण्ड से ठिठुरते देखा है।
पुजारीओं की प्रार्थनाओं में 
लोगों की खुशहाली को
बेबस कुचलते देखा है ।
मैंने झूठ के पैर देखे है 
सत्य के नकाब में 
चलते देखा है झूठ को दौड़ते देखा है....।

ये मेरे रास्तें है...

मैं आज भी
मेरी मंजिलों के बिच
आने वाले पत्थरों पे
तिलक लगाता हूँ, 
सर झुकता हूँ , 
सजदा करता हूँ... 
पहुंचे हुए पीरों की दुत्कारों ने 
मुझे वो रास्तें दिखाएँ है
जिनपर अकसर लोग नहीं जाते 
जहाँ मंजिलें खो जाती है 
अनायास 
पहाड़ों के पार,
नदियों के शालीन मोड़ों पर, 
ये मेरे रास्तें है 
जिनकी मंजिलों से थोड़ी कम बनती है...।

Wednesday, December 28, 2011

कोई नया तराना कोई नयी ग़ज़ल गायें....

सुबह की पहली किरण न जाने क्यों मुझ पर एतबार नहीं करती न जाने क्यों मेरी दुआएं कुबूल नहीं करती...
मैं नहीं चाहता की कोई बेहोशी में जिए मैं नहीं चाहता कोई घुप्प अंधेरों में खो जायें  मैं चाहता हूँ कोई तो हो जो  फूलों पर बिखरी शबनम इकट्ठी करे कोई नया तराना कोई नयी ग़ज़ल गायें....

गुनाहों को सबूतों में बाँट रखा है

अपनों को रिश्तों में बाँट रखा है
गुनाहों को सबूतों में बाँट रखा है 

वक़्त की पाबंदियां मजबूरों के लिए है
मैंने वक़्त को लम्हों में बाँट रखा है....
उसकी दिलेरी के किस्से बड़े मशहूर है
जिसने समंदर को बारिशों में बाँट रखा है...
मैं नादान था जो ख्वाबों को उधारी में देखा
अब लौटाने है तो किस्तों में बाँट रखा है..
मंजिलों के रास्तें अब मुझसे तय नहीं होते
दूरियों को मैंने पगडण्डीओं में बाँट रखा है

लम्हों का पागलपन

शब्दों की टूटी बैशाखी पर
वो आज भी तय करता है
मीलों की दूरियां
मौसमों की लापरवाही
बेफिक्री में उडाता
वो आज भी गीत गाता है
बरसातों के
बेशक बांसूरी की धून भी साथ नहीं देती
उसके अकेलेपन में
फिर भी
लम्हों का पागलपन
उससे देखा नहीं जाता...

शब्दों की पहरेदारी में मेरे विचारों के किले है

''जिंदगी जीने के नुस्खों में मुझे ऐतबार नहीं है मैं अपनी जिंदगी बहिस्कारों के साये में जीने की कोशिश करता हूँ...''

''मेरे पास ऐसे शब्दों की जागीर है जिनसे गज़लें नहीं बनती उनसे तो सिर्फ हमदर्दी की लाइलाज महामारी फैलती है''

''मुझसे औरो के दर्द देखे नहीं जाते..फटी चादर में मैंने लोगो को जिंदगी के सपने बुनते देखा है''


''मेरी मुस्कराहट मेरे होंठों पे ये इलज़ाम लगा बैठी है कि वक़्त -बेवक़्त ये बदमाश मेरा इस्तेमाल क्यों करते है..''


''मैं उसकी बेवफाई की हिफाजत आज भी उसी मुद्दत से करता हूँ जैसी मैं अपनी वफ़ा की हिफाजत उसके मेरे साथ होने पर करता था ।''


''बिलखती आँखों के ख्वाब धुल जाते है रुसवाई के कोहरे में आशीर्वादों के दरख्त भी ढक जाते है।''


''हाथों की लकीरों पे मुझे बस इतना ही एतबार है जितना किसी कलंदर को खुदा पे एतबार होता है...।''


''जिंदगी को खूबसूरती से जीने की कला जिस शख्स को आ गयी उसके ख्वाब तो खुदा भी देखा करता है...''


''मैं आशिकी की नसीहतें किसी को नहीं देता लोग खुद संभल नहीं पाते मेरी नसीहतों को क्या खाक संभालेंगे..।'' 

''मैं आज भी इसी उम्मीद में जिए जा रहा हूँ की कही तू मुझे याद करे तो तेरे ख्यालों में आ सकू.....''

''मेरे विचारों की मासूमियत आज भी मुझे ये हक नहीं बख्स्ती की मैं अपनी ही तन्हाईयों से परहेज करू मैं ख्यालों के बिच फ़ासलों में विश्वास हरगिज़ नहीं रखता...मैं ऊँची उड़ानों में विश्वास रखता हूँ .....''

''वो इतने आसानी से कहा मानने वाले थे...आखिर मुझे अपनी ख्वाहिशो का क़त्ल करना ही पड़ा...''

परम्पराओं का पुजारी...


परम्पराओं के पुजारी को
देखा है मैंने
बहिष्कारों की घंटियाँ बजातें
जुलूसों के दिए जलाते 
मंदिर में
वो रहता है अकसर
गुमसुम 
शांतचित्त
ये जानते हुए भी कि
शब्दों के नगाड़े 
निहायत जरुरी है
सुबह कि आरती में
फिर भी 
मौन है, चुप है
शायद शिकायत है उसकी
भगवान से
कि अभी तक
ऊब क्यों नहीं गये
घंटियों के शोर से...

विद्रोह


सवालों का विद्रोह जवाबों से है 
जायज़ फासलों का मंजिलों से है
वो अपने हक की बात करता है अकसर 
जिसका विद्रोह खून के रिश्तों से है
रूक जायेगा अब खुशबूओं का सफ़र
काँटों का विद्रोह आज गुलाबों से है
उसकी गली में मैं जाने से कतराता हूँ
जिसका विद्रोह मुस्कुराहटों से है
मैं अपनी आजादी का बहिष्कार क्यों करूं 'हरीश'
मेरा बहिष्कार तो तेरे बहिष्कारों से है....

मैंने ठोकरें भी किस्तों में खायी है...

आज भी वो शख्स याद आ रहा है
जिससे बिछड़े ये साल जा रहा है
उसका शिकवा वो दूरियों वाला
मेरा बख्शीश-ऐ-बहाना रहा है 
वो खूबसूरत गुनाह इश्क का
आज बेहिसाब सजा पा रहा है
उसका हँसना भी शुकून था हमारा
आज शिकायतों पे रोना आ रहा है
मैंने ठोकरें भी किस्तों में खायी है 'हरीश'
हर सिम्त से इक नया पत्थर आ रहा है...

मेरी जिंदगी.........मेरे कायदें.


मजबूरियों की बंदिशों को मै अपनी ढाल बना के जीता हूँ लोग अकसर खुद अपनी जिंदगी को जीने के तरीकों का मशवरा करतें है मैं नहीं करता....
मेरे अपने कायदें है जिंदगी जीने के मै अपनी धून में जीता हूँ किसी की क्या औकात की मेरे अपने होने में कोई खलल बन जायें...
मेरे हिसाब में रातों की सिर्फ तन्हाई नहीं बादलों की सिर्फ गडगडाहट नहीं आंसूओं की सिर्फ बारिशें नहीं जो है तो बस इतना की रातों की ''खूबसूरत'' तन्हाई है बादलों की ''बुलंद'' गडगडाहट है  और आंसूओं की ''खनकती रिमझिम'' बारिशें है....
जिंदगी की चादर में परेशानियों के छेद तो होने ही है तो क्या चादर ओढना छोड़ दे हड्डियों को बौखला देने वाली नाजायज ठण्ड में...कदापि नहीं, खुशियों और सहूलियतों की सौदागरी मुझे हरगिज़ पसंद नहीं...

Tuesday, December 27, 2011

उल्फत को जागीर की मानिंद खर्च करता हूँ

छोडो भी होती है पुरानी बातें बेक़सूर 
अब क्या तेरा कसूर क्या मेरा कसूर 
वो हर शाम तन्हाई की चादर में होता है
और आंसूओं में आँखें रहती है भरपूर
उल्फत को जागीर की मानिंद खर्च करता हूँ 
क्या करू अपनी फितरत से हूँ मझबूर
कसमों की बंदिशे भी खूब मझेदार होती है 
दो गज फासले का मैखाना भी लगता है दूर 
मुस्कुरातें आशिकों से दर्द की बातें न करो 'हरीश'
लोग कहेंगे भड़काता है और रहता है दूर....

मेरी मर्ज़ी

मेरे विचारों की मासूमियत आज भी मुझे ये हक नहीं बख्स्ती  की मैं अपनी ही तन्हाईयों से परहेज करू, मैं ख्यालों के बिच फ़ासलों में विश्वास हरगिज़ नहीं रखता, मैं ऊँची उड़ानों में विश्वास रखता हूँ .....

वो आज भी मुस्कुराती तो है...

आज भी उन्हें हमारी याद आती तो है,
उन्ही की परछाई उन्हें सताती तो है,
वो लाख चाहे की हमसे दूर रहे,
मगर मन ही मन हमे चाहती तो है...
फासलें है मुसीबतें भी है दिलों के बिच
मगर वो आज भी मुस्कुराती तो है...
बिलखतें आंसूओं में ही सही
जब भी मिलती है बातें करती तो है..
मैं अकसर अपनी मौज में रहता हूँ
वो अकसर अपनी तन्हाई में रहती तो है...
करते है लोग बातें उसकी मुझसे 'हरीश'
और वो खुद से ही अपनी बात करती तो है.....

मैं कब तलक यूँ कब्र के अंधेरों में कैद रहता

ख़ामोशी के साये मेरी तन्हाई को बयां करे है
शाम ढल जाये खुदा चराग-ऐ-दिल दुआ करे है
उसका न कोई ठिकाना बंजारा हुआ जाता है
वह क्या करे बिचारा दर-बदर खुदा करे है
मैं कब तलक यूँ कब्र के अंधेरों में कैद रहता
शुक्र है उसका जो मेरी रिहाई की दुआ करे है
रंगों से न पोत तिरा घर ऐ दुनिया वाले
तू कब तक रहेगा इस घर में जो नया करे है
जाने कितनी गज़लें लिखी है हम पे शायर ने
वैसे हमारी जिंदगी को दो शब्द बयाँ करे है
होकर बेवफा दिल तोड़ने की रस्म निभा लो 'हरीश'
तुम भी वही करो जो हर पल जहां करे है........

हाल-ऐ-दिल इशारों में बयां करता है...

हर शाम चाँद नए चेहरों में सजता है
तेरी याद में चराग नहीं दिल जलता है
मैं खरीदारों की मानिंद खामोश खड़ा हूँ
तेरी मुहब्बत का बाज़ार जहाँ लगता है
तमाम उम्र जो अपने साये के पीछे चला है
मंजिल पे आके आज अपने साये से डरता है
हालात ही
ऐसे है की वो छत पे आकर
हाल-ऐ-दिल इशारों में बयां करता है
शीशे के घरों में रहकर भी 'हरीश'
रह-रह कर रेत के घरोंदों की बात करता है....

बेमौत मरने वालों की आवाज़ ...

आज मेरे यार की फिर याद आयी
हर सहर के बाद आखिर शाम आयी
जब जनाज़ा चल पड़ा उसका गली से
तब खुदा के पास उसकी आखिरी फरियाद आयी
यार की जुदाई ने थी मुस्कुराहट छीन ली
खुल के हंसी आज मुझको एक अरसे बाद आयी
रात की ख़ामोशी में ही हर सड़क हर मोड़ पे
शहर में बेमौत मरने वालों की आवाज़ आयी
खुशनुमा आँखों से उनके आंसू बहते देखकर
हर जुबान पे ऐ 'हरीश' तेरे घर की बात आयी...

रोयेंगे हम फिर बहुत...

रोयेंगे हम फिर बहुत रात छा जाने दो
पल दो पल अब तो हमे मुस्कुराने दो
खुल के करेंगे बातें तुमसे मेरे यारों
दिल को लगी है ठेस उसे छुपाने दो
ख़ामोशी से रात तो गुजार देंगे मगर
पहले दर्द-ऐ-दिल को जरा सुलाने दो
सब बता देंगे जो दिल पे गुजरी है
पहले हमे तसल्ली से आंसू बहाने दो
जिंदगी की धुप में जाने से पहले 'हरीश'
छांव में बैठकर जरा हौंसला बढाने दो ....

जो शहर में हुआ हंगामा चिल्लाता क्या है

जो शहर में हुआ हंगामा चिल्लाता क्या है
दिल कोई आज टूटा होगा तेरा जाता क्या है
मैखाने में ही गुजारी है मैंने तमाम जिंदगी
रह-रह कर आज मुझे पिलाता क्या है
मुझे दुआ न दो ऐ मेरे शहर के वाशिंदों
मैं जो बिखर जाऊ तुम्हारा जाता क्या है
ऐ मेरे साये तू कब तलक मेरे साथ चलेगा
आखिर तेरा मेरे साथ नाता क्या है
हो गया है उसका नाम घर-घर 'हरीश'
आज उसकी वफ़ा की खबर लाता क्या है....

घर-ऐ-तन्हा का सफ़र कुछ इस तरह हमने किया


घर-ऐ-तन्हा का सफ़र कुछ इस तरह हमने किया
खामोश दीवारें मिली और एक बुझा सा दीया 
जो भी था सब कुछ बिका बस लग न पायी आखिरी 
हुजूम-ऐ-नीलामी में कुछ आंसूओ की बोलिया 
वो कफस में कैद पंछी की तरह जब छटपटाया 
देखकर हालात खुद के मन ही मन मुस्का दिया 
रात जब गहरी हुयी तो जाने क्या वो सोचकर 
या खुदा खुद की तलाश में मुस्कुरा के चल दिया 
सर कटाने का वजूद काबिल-ऐ-तारीफ था मगर 
ठोकरें रस्मो की खाकर उसने सर झुका दिया 
खुशियों का माहौल अब न रास आएगा 'हरीश'
जो भी हो उसको तो अपनी अजीज है तन्हाईयाँ......

दो शब्द

जी हां दोस्तों
ये दो शब्द जो लबों की सुर्ख़ियों में बहते झरने की गुन्जायिशे-आवाज़ को अवाम से रूबरू करवाने का बुलंद हौसला लिए हुए प्रस्फुटित हुए होते है बयां करते है जुनुने- मुहब्बत के अफ़साने जो उपजे है ख़ामोशी की बहार में झूमते तिनके की नोक पर ठहरे शबनम की दुआ से...बयां करते है जिंदगी के उस वक़्त को जो अपने पदचिन्हों की आहात सुनकर अपना रास्ता खुद तलाशता है पथरीली बेनूर घाटियों की साँसों क बिच के ठहराव पर, वो ठहराव जो आज भी चलने से कतराता है अश्को से सजी राह पर....ये दो शब्द जो अजीज यारों की बेनूर जिंदगानी को मिश्किलातों से निजात दिलाने के वास्ते ताउम्र खामोश दीवारों से कैद मजार पर अश्को की जुबानी खुदा से यही दुआ करते हुए नज़र आते है की ''या रसूलल्लाह या गौस मेरे अल मदद''

वक़्त का आशियाना

 हर शख्स की  बेपनाह जिंदगी मे झांकती कदम दर कदम आगे बढ़ने वाली दास्ताँ-ऐ-वक़्त को मैंने अपनी स्वरचित कविता ''वक़्त का आशियाना'' में कुछ प्रश्न उठाते हुए ढाला है जो अपनी गुन्जायिश-ऐ-आवाज़ तक इंसान का आह्वान करती है  



आशियाना वक़्त का उजड़ा हुआ लगता है क्यों,
दूर समंदर की मौजो का घर किनारा लगता है क्यों,
जब हुआ फरमान-ऐ-मौत इन्सान की हरी झंडियो पर
कितने ही गुजरे जनाजे वक़्त की पगडण्डीयो पर 
खाक ही हर शख्स का गर अंत होता है भला 
आदमी फिर जन्दगी भर का सफ़र करता है क्यों 
आशियाना वक़्त का.............................................
वक़्त की कोई रूह है न जिस्म की कोई बानगी
आदमी की उम्र सी बढती है वक़्त रवानगी
इंचो में ही मुस्कुराना वक़्त की पहचान है 
आदमी फिर मुस्कुराने से भला डरता है क्यों
आशियाना वक़्त का............................................
इन्सान के जद अक्षरों से बेखबर है वक़्त पेज 
वक़्त तो बस वक़्त है उसको किसी की क्या गुरेज 
और गर होती गुरेज तो सर-ऐ-राह-ऐ-आरज़ू पर 
अपने मासूम पदचिन्ह न छोड़कर चलता है क्यों
आशियाना वक़्त का...............................................
मौत तो फोकट में मिल जाती  है यूँ  हर आदमी को 
वक़्त उचित मिल न पाता लडखडाती जिंदगी को 
जब से देखा वक़्त के घर खुद हरीश जयपाल को 
आदमी तब से वक़्त को कीमती कहता है क्यों 
आशियाना वक़्त का उजड़ा हुआ लगता है क्यों
दूर समंदर की मौजो का घर किनारा लगता है क्यों...

Monday, December 26, 2011

mai wo hargiz n tha...

wo itana khoodgarj kyu hai....
usaki saansein mere kam aa sakti thi,
do pal hi sahi jinda to rahta,
wo saudgar tha pta n tha...
muhabbat usaki jhuthi thi pta n tha...
mai bhi kitna bhola tha ki usaki khatir khood bewafaa ho gya....
meri fitarat thi muskurane ki behisaab taqlifo me bhi..
wo n samjha ye kabhi bhi...
jo samjha wo mai n tha...hargiz n tha.....!!!

My short quotes...



‎'' laugh is the ultimate solution of all problems''




‎'' just think what u can do''




‎''just be silent if there are alots of people to make sound''




‎''I can only what I can think''




‎''life may give you so many question marks...after getting change them into full stop abruptly''




''Dirt may dim your sight but never can make you blind...be positive.''




‎"faith is the first door of love but unfortunately it is closed"




‎"love may harm yor health so beware of it"




"time is a gud teacher if we really admit in its school"




‎''true minds have true dreams...that need a little effort to be done.''




''I can prove myself right if u are right..''




''Maintain yor happiness forever...!

If u cant then maintain yorself to ignore wht yor mind says..''




''never mind what you think...mind what you going to tell....''




‎''I break my rules after getting results...''




''I never aswer those questions which can be answered by anybody...!!!''




''I never try how to be sad...!!!''



Sunday, December 25, 2011

mai wafaa ki kasmein nahi khata...(kuchh anakahi baatein)

Log akasar aashiqi me kasme khate hai...mai kasmo ka lihaz rakhata hoo kasme nhi khata wafa ki...kyuki mere liye wafa jaruri hai ki jinda rahe kasmo ki baishakhi wafaa ko langda bna deti hai..

Wo jo hasakar milta tha mujhe wo mera gurur tha ki muhbbat krne ka salika tha..wo akasar mujhse lipatkar kaha krta tha mujhe teri muhbbat teri diwangi achchhi lagti hai..kabhi dil tod k na jana warna esi roothungi ki khuda bhi mana n payega..

Mai uski har baat maan bhi leta to bhi wo mujhse rootha rahta..
Mai janta tha wo jalim nhi tha magar uska roothna bhi ik khoobsurat muhabbat krne ki aadat thi..wo apni aadat se mazboor tha mai apni aadat se mazboor tha..

Wo meri muhabbat ka salahkar tha me uski muhabbat ka salahkar tha..wo us roj bhi mila tha mujhse jhuthe gavaho ke sath..jis roj hum apni hi muhabbat k kaatil bankr diwangi ki adalat me the..hazaro logo ki nazro me mujrim bankar..

Mujhe nhi hai yakin abhi bhi ki wo bewfaa nikla..
Kashamkash jaari hai meri mujhse ki yakin kyo n kroo ki ek arsa bit gya use yaad kiye..

Bdi shiddat se aaj bhi uske pyar ko apne dil me jinda rakkhe hoo...janta hoo akasar dil me bsi muhbbat dil ki dhadakan ban jati hai..kabhi sukhe hotho ki muskurahat to kabhi aankho ki kajal bn jati hai...

Muhabbat kya hai? Bas tera rooth jana or mera manana..
Tera nazre uthana or mera muskura dena..

Wo mere khto ko aaj bhi usi masumiyat se padhti hai jo masumiyat hamari aashiqi me deewar ban gyi thi..wo us or intezar krti rah gyi mai is or intezar krta rah gya..

Duniya ne jise pagal karar diya jise..
Wo shakhs muhabbat ka shahanshah nikla..wo kahta hai akasar mujhe..ki..mai uska hi rah saku hamesha jiska aashiq hoo ye sochkar khud ko pagal kar diya..

Mujhe itana haq na bakhs ki teri har aarzoo ki soorat mere aayine me hoobahoo utar jaye...
Teri muskurahat ko labo se yu juda na kar..
Mai kahi kho na jaunga..mai hoo tera..
Bas tera hi hoo..






Friday, December 23, 2011

meri gazalo k tookde....!!!

Wo sharab k katre katre se is kadar muhbbat karta hai..
Diwano ki fenki botlo ko bhi salike se sja k rkhta hai...

Mujhe n thi khwahish ki mai sukun se mroo..
Ab jab khuda ne meri nhi suni to shikayat kisse kroo?

Mai teri nazro ka kajal na hota gr tu meri daulat-e-muhbbat na hoti....
Na tu bahati aansuwo mai mujhe na mai teri bebak shikayto mai hota..

Teri nazro ki masti or meri befikri kya khoob julm kar gyi..
Wo duniyawale jo khuda se isaki shikayat kr gye..

Fakiro ki basti me jaljala ho gya...
Kahte hai khuda ne kisi fakir ko beinteha daulat bakhsh di..

Uska harek bahana bhi sach_sach lagta hai,
jaalim har bahana jo muskura k kahta hai...!!!

Kambakht duniya bdi jalim hai dosto,
Muskuratein huye logo se na jane kya dushmni hai iski...!!!

Uski bewfaayi ka har bahana manjoor hai mujhe,
Muhbbat mai uska rona mujhse dekha nhi jata..!!!

Uska khyal bhi bda kamal ka hai,
Jab bhi aata hai muskura leta hoo..!!!

bhale hi duniya ki nazro me mai sirf pagal tha dosto,
khooshi is baat ki thi ki uski najaro me mai pagal bhi tha or diwana bhi...!!!

uski har baat me aaj mai hoo,
dosti k mayno ne hume bemisal kr diya...!!!

Meri dooaayein khuda koobul kese n krta,
Bdi muddat se use yaar jo bnaya tha maine...!!!

Mai nhi janta wo mujhe kis simt dubayega,
Dariya me kooda hoo kasm-e-wafaa kha kar...!!!

Wo khoobsoorat bhi hai jalim bhi hai,
Kahta hai pyar kro mujhse magar kuchh faslaa bhi rkha kro...!!!

Thursday, September 22, 2011

the silent footprints of mine..

''have u heard something new abt habits...??

Good habits are stolen but the bad one are still there waiting for a guy who was always against of advises...''
''I hate exposition bkz it reveals the mystery..
hidden treasures-exotic love-occult feelings all are much beautiful to be enjoyed.''
 ''I am learning 'french' thesedays only bkz i want to make 'other languages' jealous..''
''a friend is an alive instrument which is made by god to tease hence we are happy or not..!'''''''
''whats the love?
a feeling of two smiles nd lots of tears''
''just be happy u will get everything around u is happy..
thats the miracle of happy life..!''
''I asked one of my frnds why he lives..
HE worried...nd then smiled nd run away..!''
''sometimes we must smile for ourselves to feel that we are happy with  our soul..''
''If I were god I wud paste two horns on every single politician's head nd a tiny tail, a little above frm their fat bumps..''
''the first nd the last creations of god are a politician nd a donkey...he made a mistake with them he forgot to put the brains in their head..''
''Hell is unjustified place for those persons who were silent in their whole life...''
''teaching is an art..
only few teachers know how to use it in the class room where every single disciple has his own way to learn...
I usually accelerate their way of learning as they wish..''
''stupid questions are those which hav been thought after giving their answer...''
 ''if god is omnipresent then what kind of god it is when people cheat-get anger-kill others?''
'Retaliation' , I HATE THIS WORD when it turns into "Aggravation"...
I hate politics also bkz its the result of aggravation.''
''a friend is just a ballpoint pen what u write in exams is always right..u'll get full marks.''
''I LIKE THOSE FRNDS MOST WHO always mistake to write the correct spelling of "break with"..
 "A friend's anger must be enjoyed untill he lifts a stone"
 
 
 
 
 
 

Tuesday, September 20, 2011

My harmful thoughts...often I think.!

what will u do if u find a ghost sitting on yor chest at mid night..??
.
.

''if it will be with me then i'll slap him badly bkz he might be with dirty slipper on my bed..''
 
''I love ghosts bkz they never tell a lie...
nd
I hate them also bkz they always tell the truth...''
''warning for my frnds...

a plenty of nude ghosts will be alive if u die...
so plz be alive..
lets make people to hate the death..''.
 
''in schools we teach bastard ghosts how to celebrate the happy birth day of books..!!!''
 
''DOnt waste yor time to know who u are..
if u want to know abt yorself seriously then remove the make-up of self-bargaining first.''
''to teach what we dont know is like to b seated in a boat aftr closing our eyes...
dont know where the river will rurn nd we will b in the bushes under the boat...''
''college a place where fat people lead... broken ringing bell hangs in their throat to warn the poor thin stdnts..''

''extra ordinary people are always crazy to deceive themselves.''.

''a rat without its tail never can say what happened with its tail?''

 ''Zindagi mein haste raho, jiyo, khush raho kyunki kya pata - kal aage ke do daant ho na ho!''
 ''if darwin comes back he'll definitely go on fasting bkz of his self principles..''
 ''An exam is a white beard devil for every single disciple just like me, I hate exams but after completing them.....''
''reading newspapers is just like to befool self knowingly..thats why I hate to read them...''
''what the frnd is..
a person of bad habits but we ignore all of them...
nd similarly
an enemy is a person of gud habits..
still we ignore all of them...''
''we must take care our bad habits...without them we can't recognize what the good habits are..''
''Have u noticed why the people of india is so crazy abt love?
bkz of they don't know how to hate..''
''isn't it funny to have a bath in the river where many fishes visit to see who entered in their mudy kingdom.!''

''love is a coal for me nd i always use it to write on wall''nothing is better than love''

'' i never accept thanks given by those persons who say''no'' before ''thanks''

''fruits are not bad in taste even when a monkey doesnt throw it upon your head...''

"hate me if u can if not then let me love uuuu..."
I never can change my behavior what i m...its my attitude...
its ma way to enjoy ma life happily..!
so frnds have some fun whenever u wanna smile...!''
'' sharp knives are always used to cut the green mangoes.. if your are a mango i m happy to be a knife...''
''i hate dogs when they bark at themselves...have u heard them ..?''

 ''claps are responsible for victory so never ignore them while performing...''

 ''a rose can make u feel just like a royal king beaten in a war when u really love someone who is infront of u to say ''sorry! i dont love u.''

'' i have some stupid toys who play with me.''

 ''stupid questions always hav some brilliant answers''


 ''schools make a child intelligent nd colleges use their intelligency to make thems stupid..!!''
''love-birds tweet when dey com closer to lov each other a rosy fragrance proves their existence,nd the shining climate catch their heart beats''
''facebook is a better place for those person who really need some pipes to make the tail straight of a puppy  nd tweeter 4 those who wanna clap 4 them''

''some lessons published in physics books make us to hate the lectures only bkz they teach us physics..hence they re innocent.''

''Trees nd plants are suffering frm cold.. no one is interested to provide them medicine..''

Tuesday, a day of using words with harsh meaning..turn aside nd take them positively.

''making noise is a great idea to make people to listen you,,,,''

''A funny frog can eat a rabbit...''

 ''clouds are dirty nd full of frogs.. in rainy season we can prove it..

''newton's forth rule of motion.. sorry but its abt a lame doggy.. previous three rules are exceptions of it.''

''whenever I go to visit a wild zoo automaticaly POLITICIANS come in my mind..''

''politics is just what we ignore to play in our family..''

''I never put my nose btween two fingers..its the task for gals let them do..''


''I can MAKE2 feel u happy but sadness is also gud 2 BE enjoyED..''

''if u really want see the kingdom of lord go to the schools nd play with children..''

''gnomes are said by the people who dont follow them..''

''whenever God feels sadness  he starts to read the story-books written by teachers..''

''teachers are always respected by those people who are on right-way of life..''

''if teachers were trees I would like to water them always whenever I felt thirsty..''

''I may change my mind if there is no change in your mind...''


''I can play chess if there is no drunk elephant on the ground...''

''my first interview had been over by a slap on the cheek of a man who was eager to ask me the question why we people are so crazy?....''

''one who said ''barking dogs never bite'' had been bite thrice by the dogs silently...''

''somebody may say what he doesn't know abt you but before it he will be absolutely so confused what to say...!!!''

''a sword can make u remember the bloody history but it is possible that it was not used in any war to make the history....''


''an untrained doctors nd their treatments are like a falling star u may wish but ur not sure your wish will be fulfill or not...???''


a rose in red colour may draw you toward the kingdom of love but it may also warn you why it is red...!!!''

a plant of new buds is loved by everybody..''


"u are in safe hands.." it may be true untill a doctor gets angry.. so whenever I go to hospitals I leave my bad habits out of the door.''


''black boards teach us white words.. how funny it is..! blacks never do anything without help of whites..''

''if I permitted to jump frm the top of the qutub minar..I would like to jump upon the drawings of M.F.Hussain...''

''history nd geography are two sisters....they always send many students in the hospitals or in jails..''

''God made donkeys only for the one ultimate reason... to humiliate the politicians...''

half minded persons always consider themselves as the king of kings without any courtiers...thats called ''politicians nature''...''

''did you think why indian history is so famous...??? bkz it has bloody wars fought with kin stones more than love stories of so called kings.''

''I go to zim everyday early morning to save my face frm the bucket of cold water thrown by my mom....''


''if love will be sold in the market I will be happy to be the shopkeeper....''


''when I was in fourth standard I used to throw my text books in dustbin for the children of dust-collectors near my school..''

''cat may roar if lion permit him...''

I would like to leave myself in the cage of hungry tigers with lots of love..''

''if darwin comes back in the wrld he'll go on fasting first bkz of his self principles. that would be d last exception of his own principle.''

''I think 95% people in d world dont know how to say "Gud bye" to anyone bkz "bye" is never "Gud" if it is said without a charming smile..''

''Go against your wish u will find more than u wish..''

''a door without any lock always invites thieves who hate to steal ornaments.''

''Its my accendible stanch at overmodest people that they can't blemish their faith for argie-bargle..''

''let the students be learned themselves. self learning is more better than teaching without knowing their interests..''

''guess the answer when u r unable to understand the question.. if you get it then remove the quest. nd change it according yor answer..''

''drums are dumb if it will not be hit hard by the stick...''

''schools are controlled by the ringing bells not by the principals..''








I enjoy my own Quotations ...

"GOD gave the idea of slapping to us bkz he couldn't slap himself after creating a man.."
 
''THE SHORTEST philosophy of my BIGGEST LIFE..
"I live as I am"
 
''the first condition of love is "losing"
 
"children are the most eligible bachelor"
 
''my sadness also makes me happy if I truly wish to be happy..''
 
"..I creat problems to enjoy myself bkz its the better way to find out the varnished solutions..."
 
"..I'm always right if I don't laugh after my words.."
 
"always u'll get positive result if u minus the numbers of happy women from the numbers of happy men." it means men are more happy than women.!
whats the cause? bkz they make women unhappy to get the positive result..''
"great men always go wrong in love bkz great women push them to go"
 
"sometimes I think why should I think"
 
''one thing that u must remember when u gonna love someone madly..
"bhikariyo jesi halat hone wali hai"
''I 'praise my spiritual GURU ' OSHO whenever he puts himself silent...
I 'like' him
whenever he brakes his silence...
I 'love' him
whenever he hate to say that we all are hungry KIDS of thirsty GOD..''
 
''MY SELF MADE CONCLUSION...

"just do it or leave it"

mostly this tag line is used by the people who really want to 'leave'..''
 
''I hate to ring the temple bell bkz it wakes up the god nobody knows, whether he has completed his sleep or not?
if he has been disturbed curses will b ready to make u run away...''
 
''last nyte shakespeare came to me in my dream nd said-"I FORGOT ALL MY POEMS"
 
''smile is always true though lips may lie..''
''I meet wid my frnds as an accident..
mukke-laat sab jayaz..
kabhi kabhi to nukile patthar bhi jeb me rakh k jata hoo..''
 
''most of my games are played in courtyard within a fortified castle..''
 
''If I were a tiger I would apply to get the patent on my biscuits nd balm.''
''thesedays I cross running splashy rivers nd find many poor people there with their half nude body to have a cold bath without any soap..they jump..they play..nd some get anwilling death..!''
 
''whenever I eat bananas I collect their skins nd throw it on the road near a city-hospital to watch how many people are blind having sparkling eyes...
after this bones-breaking experiment I have a conclusion "some peoples who has eyes are blind"
 
''One of my former teachers had a habit of smoking..
he often said "it may harm yor health" while smoking infront of us..
but the most amazing thing is he alives yet with good health..
now he is 81 years old nd "dug-dug hukka" is used by him.''
''I HAd 5 elephants-8 horses-9 dogs-7jackals-1 pithon nd 3 parrots in my childhood...
"par affsosh.! sab khilone the"
''bachapan ka ek hadsa jisse sab guzar chuke hai..
kya?

???

musibat aane par agale ki aankho me dhool fenk k bhag jana"
 
''students should be free when they have nothing to do..otherwise they can announce a freedom-war against u..''
''I have a rough stone in my hand..wanna throw it towards u..
its a game...dont try to catch it let it go on yor forehead..i promise yu will enjoy it with a great bloody taste..!''
''SOME OF my frnds suffer frm head-ache..
nd I always suggest them to go to the TEMPLE to ring the temple-bell loudly infront of their ears..''
 
''how w'll u manage yor breath system if yor nose disappears..
isn't it hard?
every single gais will enter nd disturb yor lungs..''
''How funny it is if yor disciples enter with a pen without any text books into the class room..!''
''fools are the most intelligent people in this world thesedays..they have a lot of nonsense that disturbs when they gonna think abt intelligency.''
''my frnds are just like dustbin..
they all are used to clean my dirty mind..!''
''pandits are here to purify the dharma..
i think they are crazy people..!
they know everything but we dont kno why they have a long flying hairy "choti" on their shining nude head..''
 
"I am stranger for myself..."
 
''English alphabets are so innocent that can be mis-spelled easily if we think as hindi-alphabets..''
''every single exam-paper was published wid out of course syllabus when i was reading in 4th standard..!''
'' I wud lyke to pull the tail of the lion who really want to make me break-fast..!''
'' Black boards are made by black ghosts who didn't know abt cosmatic creams..''
 
''during exams I always prepared myself to be funny wid examiners..
I put some lolypops in my pocket that would b tasted by him aftr checking...''
''hammers are gud to hit..our cricket players must be provided..
so that they can hit each other after this eng-ind. series..!''
''Last nyte I saw a dream of a monk he was dancing without wearing clothes on his body yet he was not nude..bkz there was his "langot" around his head..''
''I wud like to hang a big bell around your neck but i think how much the bell will feel terrible pain..hooonh!''
''Learning is a slow process...thats why we all are on country roads...having a punctured bicycle..''
''I have seen many sadhus of diffrent kinds..
but there is one common thing among them is "they hate real GOD"
''I love the MISTAKES..!
"done by others"
''There is no difference between a wise man and a fool when they fall in love...''
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